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बिहार के 13 जिलों की किस्मत बदलेगा 336 km लंबा एक्सप्रेसवे! 10-12 घंटे की दूरी 4-5 घंटे में होगी पूरी

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Aug 20, 2026 06:35 pm IST,  Updated : Aug 20, 2026 06:35 pm IST

बिहार में बक्सर से भागलपुर तक 336 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद बक्सर से भागलपुर का सफर, जिसमें अभी करीब 10 से 12 घंटे लगते हैं, घटकर सिर्फ 4 से 5 घंटे रह जाने की उम्मीद है।

बिहार में नया...- India TV Hindi
बिहार में नया एक्सप्रेसवे बनाने को मंजूरी Image Source : CANVA

बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली बड़ी परियोजना को मंजूरी मिल गई है। बक्सर से भागलपुर तक 336 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद बक्सर से भागलपुर का सफर, जिसमें अभी करीब 10 से 12 घंटे लगते हैं, घटकर करीब 4 से 5 घंटे रह सकता है। इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बिहार के 13 जिलों को जोड़ेगा। इनमें बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर शामिल हैं। इन जिलों के लोगों को बेहतर और तेज सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। खास बात यह है कि बक्सर में यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे दिल्ली और लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों के लिए बिहार के रास्ते बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचना आसान हो सकता है।

10-12 घंटे का सफर होगा 4-5 घंटे में

अभी बक्सर से भागलपुर पहुंचने में सड़क मार्ग से करीब 10 से 12 घंटे तक लग सकते हैं। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय घटकर 4 से 5 घंटे रहने की उम्मीद है। एक्सेस कंट्रोल्ड होने के कारण एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह चौराहे और ट्रैफिक सिग्नल नहीं होंगे। निर्धारित स्थानों पर ही प्रवेश और निकास की सुविधा होगी। इससे वाहनों की रफ्तार बनी रहने और सफर का समय कम होने में मदद मिलेगी।

कई बड़ी नदियों पर बनेंगे पुल

इस परियोजना के रास्ते में सोन, पुनपुन, फल्गु और किऊल जैसी नदियां आएंगी। इन पर बड़े पुल बनाए जाएंगे। स्थानीय सड़कों और गांवों को जोड़ने के लिए इंटरचेंज, फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाने की योजना है।

उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार इस एक्सप्रेसवे को सिर्फ परिवहन परियोजना के तौर पर नहीं देख रही है। इसके आसपास इंडस्ट्रियल हब, इकोनॉमिक जोन और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना है। इससे उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार सामान दूसरे राज्यों तक पहुंचाने में आसानी होगी। एक्सप्रेसवे के आसपास नई औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

PPP मॉडल पर होगा निर्माण

इस महापरियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब डीपीआर तैयार करने और आगे की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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